मध्य प्रदेश की इंदौर लोकसभा सीट से बीजेपी ने अभी अपना उम्मीदवार तय नहीं किया है लेकिन मौजूदा सांसद और लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने पहले ही तय कर दिया कि इंदौर से बीजेपी का ही सांसद होगा. इतना ही नहीं उन्होंने कमलनाथ के मंत्रियों से वादा भी किया कि जो भी आने वाला हमारा सांसद रहेगा वो भी आपके साथ मिलकर काम करेगा.
लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा की ओर से जारी घोषणा-पत्र को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जहां एक ओर जुमला पत्र बताया है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे बढ़ते भारत को और सशक्त बनाने का भाजपा का प्रयास निरूपित किया है।
लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा ने मंगलवार को अपना घोषणा पत्र जारी किया। इस दौरान पीएम मोदी , पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह , वित्त मंत्री अरुण जेटली, सुषमा स्वराज और गृहमंत्री राजनाथ सिंह समेत भाजपा के कई सीनियर लीडर मौजूद थे। लेकिन मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार के बाद पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया था। जिसके बाद शिवराज सिंह चौहान दिल्ली में सक्रिय हो गए थे।
सीएम कमलनाथ ने शुक्रवार को बोरगांव में हुई सभा में पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शिवराज ने बोरगांव को नगर पंचायत बनाने का वादा किया था, लेकिन बोरगांव नगर पंचायत नहीं बनी। अब वो आराम फरमा रहे हैं। आगे भी लंबे समय तक आराम फरमाते रहेंगे।
प्रदेश में लोकसभा चुनाव की सियासत जाति-धर्म पर केंद्रित हो गई है। कांग्रेस हो या भाजपा या फिर बसपा-सपा सभी सोशल इंजीनियरिंग पर फोकस कर रहे हैं। विकास की राजनीति की बात करने वाले सियासी दल उम्मीदवारों का चेहरा तय करने में भी इस फैक्टर को नजरअंदाज नहीं कर रहे।
मध्यप्रदेश ही नहीं, पूरे देश से बदलाव की आवाज आ रही है, आप जाकर जहां भी नब्ज टटोलने की कोशिश करेंगे, खुद पता चल जाएगा कि 2019 के चुनाव में देश एक बड़ा जनादेश कांग्रेस पार्टी को देने जा रहा है। हमारा लक्ष्य मोदी को हराना है और राहुल गांधी को देश का प्रधानमंत्री बनाना है। यह बात मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज पीसीसी में खचाखच भरी पत्रकार वार्ता में एक प्रश्न के उत्तर में कही।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 24 घंटे के भीतर ही संघ कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था बहाल करने के निर्देश दिए हैं. सीएम कमलनाथ को संघ कार्यालय से हटायी गई सुरक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी ही नहीं थी. सोमवार रात अचानक सरकार ने संघ कार्यालय से एसएएफ के जवानों को संघ कार्यालय से हटा लिया था. इसके बाद सियासत गर्मा गई थी. कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने राज्य सरकार के इस निर्णय को गलत बताया. उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ से फिर से संघ कार्यालय की सुरक्षा बहाल करने के आदेश देने की मांग की.
मध्यप्रदेश के टिकटों के वितरण को लेकर नई दिल्ली में सोमवार को हुई कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी की मीटिंग में जबलपुर से वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा, सागर से पूर्व मंत्री प्रभु सिंह, सतना से पूर्व महापौर रहे राजाराम त्रिपाठी और मंडला से कमल सिंह मरावी को उम्मीदवार बनाए जाने को मंजूरी मिल गई है। सूत्रों के अनुसार बची हुई 20 सीटों में से 15 से 16 पर उम्मीदवारों के नामों को अंतिम मंजूरी मिल जाएगी। इनमें गुना-शिवपुरी से ज्योतिरादित्य सिंधिया, देवास से प्रहलाद टिपानिया, खरगोन से प्रवीणा बालाराम बच्चन, धार से गजेंद्र सिंह राजूखेड़ी, खंडवा से अरुण यादव, मुरैना से रामनिवास रावत और दमोह से रामकृष्ण कुसमरिया का नाम शामिल हैं।
भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश की बालाघाट लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद बोध सिंह भगत की टिकट काटकर ढाल सिंह बिसेन को पार्टी का उम्मीदवार बनाया है. इसकी जानकारी मिलने के बाद रविवार को भाजपा कार्यकर्ताओं बोध सिंह भगत के टिकट की मांग के लिए जमकर हंगामा किया, जिसके चलते पुलिस को प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा. हालांकि, इसमें किसी के घायल होने की खबर नहीं है.
मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार में विधायक ने अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान किया है। सीएम कमल नाथ को भेजे गए अपने इस्तीफे में विधायक ने अपने क्षेत्र में शराब माफिया पर कार्रवाई नहीं होने की बात कही। बताया जा रहा है कि हाल ही में विधायक और उनके समर्थकों का शराब ठेकेदार से विवाद हुआ था। विधायक ने कमल नाथ को लिखे पत्र में शराब के ठेकेदारों पर उनके खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया है।